The monk, The ‘dweep’ and the grand diversion!
हे जी रे.. (4) हे.. रामचंद्र कह गए सिया से (2) ऐसा कलयुग आएगा हंस चुगेगा दाना तुन का (2) कौआ मोती खाएगा हंस चुगेगा दाना तुन का कौआ मोती खाएगा हे जी रे.. फिल्म : गोपी (1970) संगीत दिया है: कल्याणजी-आनंदजी गीत के बोल: राजेंद्र कृष्ण गायक: महेंद्र कपूर Apple music link to the…